साहित्य चक्र

14 December 2022

कविताः वो लम्हे






जिंदगी के हसीन लम्हें हसीन यादों में रहने से आते हैं ,
जब तुम्हारे हमारे जज्बात दिल से निकलने लगे।
 वह हमारे एहसास में आने लगते हैं और रहते हैं ,
प्रेम की परिभाषा हर किसी को समझ नहीं आती 
जिस को समझने के लिए  तह तक जाना पड़ता है।
 इश्क इबादत तुम मेरी चाहत वाली बात को सुना जाता है,
 अंतर्मन से जब आवाज आती है तो रूम उतरती है ।
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादें हमेशा ताजा सी रहती हैं ,
जब समा गये हो एक दूजे में प्यार के दीवाने बन कर ।
ख़ुशी पल दो पल बढ़ती ही जाती है जब हुआ हो 
दिल को मेरे जीवन का एहसास कभी 
खत्म ना होने वाला एक ऐसा एहसास है।
 जो जब तक जान है तब तक आपके दिल में धड़कता रहेगा ,
जहां प्रेम की तृप्ति  हो गई वहां एहसास हमारे तुम्हारे पास है।
 कोई कितनी भी कोशिश कर ले तो उस जैसा कभी नहीं मिलता ,
आज वह खूबसूरत लम्हे ना होते तो कैसे दिल की किताब लिखते।
 वह लम्हे में एहसास जिंदा है तभी तो हम इतने खुश हैं ।
जो हमारे भीतर एक नयी उर्जा भरता है ,
जिसके सहारे खुश है।
 वह क्षण कभी भूलने वाला नहीं हो 
सकता जो रूह के करीब आ गए हो,
 वो प्रेम इंसान को तभी मिलता है 
जब ह्रदय आवाज और 
एक दूसरे की सांसो में समा गये हो।



                                         - रामदेवी करौठिया


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