साहित्य चक्र

29 June 2017

अजीब दास्तां...।

अजीब दास्तां है...। ये जिदंगी...।
कोई सुलझाता रहता है...तो
कोई उलझता रहता है..।।

अजीब दास्तां है ...। ये जिदंगी...।
कोई पढ़ लेता है...तो 
कोई पढ़ने में रहता है..।।

अजीब दास्तां है...। ये जिदंगी...।
कोई रोता रहता है...तो
कोई रूलाता रहता है...।।

अजीब दास्तां है...। ये जिदंगी...।

                      कवि- दीपक कोहली

बड़ी खास है ये जिंदगी...।

बड़ी खास है... ये जिंदगी..।
मुस्कराते रहो हर पल,
बड़ी खास है, ये जिंदगी..।।

कभी खुशियों से, तो
कभी गमों से भरी हैं..।
ये जिंदगी...।

बड़ी खास है...ये जिंदगी..।
कभी उदास, तो
कभी मोह- दास है...।
 ये जिंदगी...।

बड़ी खास है..ये जिंदगी..।।

                                 कवि- दीपक कोहली

25 June 2017

* देवभूमि की एक नारी ऐसा भी....। "सुनीता"

देवभूमि उत्तराखंड की बेटियां पूरे विश्व में अपना नाम रोशन कर रही है..। कोई खेल में तो कोई सांस्कृतिक लोकगीतों में देवभूमि का नाम रोशन कर रही है..। इन्हीं में से एक नाम पौड़ी की सुनीता खरकवाल का भी है...। जो दिल्ली में रह कर देवभूमि का नाम रोशन कर रही है..। सुनीता समाजसेवा के लिए कई एनजीओ से जुड़ी हुई है..। आपको बता दूं...कि सुनीता दिल्ली पुलिस की अमन कमेटी से भी जुड़ी हुई है..। जिसमें सुनीता सहित कई लोग मिलकर जागरूकता के लिए काम करते हैं..। एनजीओ के साथ मिलकर सुनीता महिलाओं के लिए जागरूकता फैलाने का काम करती है..। सुनीता इसके अलावा और भी कामों से लोगों का दिल जीतती है। उत्तराखंड की संस्कृति के लिए सुनीता "उत्तराखंड फिल्म और नाट्य संस्थान" से भी जुड़ी हुई है..। जिसके माध्यम से देवभूमि की संस्कृति उजागर होती है..। सुनीता एक नारी होने के नाते, अपने कामों से कई महिलों की प्ररेणा स्त्रोत बनी हुई है। जिसके लिए सुनीता को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है..। जब हमने सुनीता की फेसबुक प्रोफाइल देखी और जिसके बाद जयदीप पत्रिका ने सुनीता से बात करने की कोशिश की...। तब सुनीता खरकवाल से जयदीप पत्रिका ने कुछ खास जवाब-सवाल किेये....।

आइये जानते है..सुनीता खरकवाल और जयदीप पत्रिका की खास बातचीत...।   

सवाल- आप एक नारी होने के बाद भी इतने सारे चीजों से जुड़ी है...आखिर कैसे और एक नारी के लिए यह संभव है क्या....? 
जवाब- हाँ..। अगर आपके अंदर काम करने की जिज्ञासा हो तो, सब मुमकिन है..। क्या एक नारी पुरूष के बराबर काम नहीं कर सकती..या पुरूष के बराबर नहीं चल सकती...। ऐसा कहां लिखा है, कि नारी पुरूषों के बराबर नहीं चल सकती..। हमें आगे आना होगा..और कदम पर कदम चलाने होगें..।

सवाल- आप इतने सालों से दिल्ली में है...और कभी आपने देवभूमि के बारे में भी सोचा है..? 
जवाब- हाँ..। जरूर सोचा है..। पर वहां परस्थितियां कुछ अलग है...। उन परस्थितियों को हमें पहले दूर करना होगा..। तब जाकर वहाँ कि नारी जागरूक होगीं..। 

सवाल- आप उत्तराखंड के बारे में क्या सोचती है..? वहाँ कैसे पलायन को रोका और रोजगार कैसे उत्पन्न किया जा सकता है..?
जवाब- उत्तराखंड देवभूमि है..। वहाँ हर चीज हो सकती है..। हमें कुछ मेहनत करने की जरूरत है... जिसके बाद वहाँ से पलायन रूक सकता है...और रोजगार पैदा हो सकते है..। राज्य सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए..। आखिर वह दिन दूर नहीं जब देवभूमि खाली हो जाएगी..।

सवाल- आप उत्तराखंड की महिलाओं को क्या संदेश देना चाहेगी...? जिस तरह आप काम कर रही है.....क्या उत्तराखंड की और महिलाएँ भी ऐसे ही आगे बढ़ सकती हैं..?
जवाब- उत्तराखंड की महिलाएँ ही उत्तराखंड की शान है..। जो पहाड़ों में राज करती है...। अगर वहाँ की नारी काम करना छोड़ देगी..तो देवभूमि का शान खत्म हो जाएगी...। नारी ही हमारे पहाड़ की शान है..और रहेगी भी..। पहाड़ की नारी को मेरा सलाम...। बिल्कुल पहाड़ की नारी हर काम कर सकती है..। जिस तरह वो पहाड़ों में मेहनत करती है..। अगर उसे मौका दिया जाए, तो वह जरूर सफलता की बुलंदियों को छूएगी..।।

सवाल- आप हमारी जयदीप पत्रिका के माध्यम से देवभूमि के बारे में क्या कहेंगे..? और वहाँ के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेगें..।।
जवाब- सबसे पहले देवभूमि को नमन् करते हुए...मैं वहां की संस्कृति को प्रणाम करूंगी..और उन पहाड़ों को याद करते हुए कुछ सुकून के पल महसूस करूंगी..। उसके बाद मैं जयदीप पत्रिका को धन्यवाद कहूंगी..जिसने मुझे अपने मंच पर बुलाया..। मैं वहां के युवाओं से एक ही निवेदन करूंगी...कि आप कहीं भी जाए...पर अपनी संस्कृति और मर्यादा ना भूले..। जिससे हमारी देवभूमि अपमानित ना हो..।

                                                             रिपोर्ट- दीपक कोहली   

22 June 2017

देश का अगला महामहिम होगा- एक "दलित"

देश का महामहिम होगा एक दलित..।  जी...हाँ..। सही सुना और सही पढ़ा आपने..। इस बार बीजेपी ने जैसे ही बिहार के राज्यपाल कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया तो, वैसे ही यह साफ हो गया, कि एनडीए  सरकार इस बार एक दलित को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है..। यह पहली बार होगा जब बीजेपी किसी दलित को राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाएगा..। इसे राजनीति कहे या फिर मोदी का विपक्ष के लिए ट्रंप कार्ड..। बीजेपी अपने हर फैसले से विपक्ष को चित करना चाहती है..। तो वहीं विपक्ष ने भी दलित उम्मीदवार उतारकर राजनीति हो और गर्म कर दिया है..। चाहे कुछ भी हो जाए इस बार देश का राष्ट्रपति एक दलित ही होगा..। चाहे बीजेपी का उम्मीदवार जीते या फिर कांग्रेस का....। वहीं बीजेपी विपक्ष को हर चुनाव में हराना चाहती है। जिससे बीजेपी कोई कोर करस नहीं छोड़ना चाहती..और ना ही कोई कमजोरी..। जिससे विपक्ष को कोई मौका मिले..। 


  • आइए जानते कौन होगें अगले महामहिम...? 

अब देश को मिलेगा एक नया महामहिम, जो देश की शान बढ़ाएगा और देश का मान कमाएगा..। अब आप भी जान लीजिए कौन है, वो शख्स ....जो बनेगें....। देश के अगले राष्ट्रपति....। 
आइए..आपको बताते है..। कौन सरकार कौन विपक्ष का उम्मीदवार है..। अगर बात करें बीजेपी उम्मीदवार की तो बीजेपी ने बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार बनाया है..। जो उत्तरप्रदेश के कानपुर शहर के मूल निवासी है..। जो एक दलित बीजेपी राजनेता है...। वैसे आपको बता दूं..। राम नाथ कोविंद हिंदू धर्म के दलित समुदाय से है..। जो कानपुर देहात के मूल निवासी है। कोविंद पेश से एक वकील और एक राजनेता है..। जो बीजेपी पार्टी से संबंध रखते है..। सन् 1991 में कोविंद राजनीति में सक्रिय हुए..। जिसके बाद 1994 में कोविंद  उत्तरप्रदेश से राज्यसभा सांसद चुने गए..। कोविंद 12 सालों तक राज्यसभा सदस्य रहे..। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहे है राम नाथ..। समाज सेवा के रूप में भी कोविंद ने कई काम किए है..जिसमें उन्हें भाजपा दलित मोर्चा का अध्यक्ष भी चुना गया..। वैसे कोविंद ने दिल्ली के हाई-कोर्ट में  वकालत भी की है..। साल 2015 में कोविंद को बिहार का राज्यपाल नियुक्त की गया..। जिसके बाद कोविंद को एक बार फिर बीजेपी ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंकाया है..।

वहीं विपक्ष भी राष्ट्रपति पद के लिए केंद्र की मोदी सरकार की तर्ज पर दलित कार्ड पर दांव लगा रही है..।
जिसमें विपक्ष ने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार के नाम पर मुहर लगाई है...। आपको बता दूं..। मीरा कुमार कांग्रेस के दलित नेता जगजीवन राम की सुपुत्री है... । जो देश की पहली दलित लोकसभा स्पीकर भी रह चुकी है..। मीरा कुमार का राजनीतिक जीवन अस्सी के दशक में शुरू हुआ..। जो पहली बार 1984 में बिजनौर से सांसद चुनी गई..। बालयोगी के बाद मीरा कुमार पहली ऐसी दलित राजनेता है, जो लोकसभा स्पीकर रही..। कांग्रेस में मीरा कुमार का साफ-सुथरा चेहरा माना जाता है...। मीरा कुमार अपने कामों के लिए पूरे देश में जानी जाती है..। एक बार फिर कांग्रेस ने मीरा कुमार को राष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार बनाकर मोदी के तर्ज पर दलित कार्ड खेला है...। 

अब देखना होगा कौन बाजी मारता है..। मोदी सरकार का दलित या फिर विपक्ष का दलित...?   


                                                               संपादक- दीपक कोहली

16 June 2017

उत्तराखंड का उभरता सिंगर- "मन" जोशी



देवभूमि का उभरता सिंगर मन जोशी...। जी हां सही सुना...और... सही पढ़ा ....। उत्तराखंड में कई गायक कलाकार है..। उन्हीं में से एक मन जोशी भी है...। जो अपनी आवाज़ से उत्तराखंड के लोगों के दिलों में बसना चाहते हैं..।  मन जोशी देवभूमि की संस्कृति को बरकरार रखना चाहते है..और उत्तराखंड की संस्कृति को आगे और लोकप्रसिद्ध करना चाहते है..। जोशी होने को एक सैनिक है..। लेकिन संगीत में जोशी बचपन से ही दिलचस्पी रखते है..। आपको बता दूं, कि जोशी इन दिनों अपने गीतों के लिए यू-टूब, फेसबुक आदि में छाये हुए है..। अगर आप भी सुनना चाहते है, मन जोशी के सुपर गानें तो आप भी यू-टूब पर सर्च कर सकते है..। एक नई आवाज़ और एक नई उमंग के साथ मन जोशी के गानें का आनन्द लें..।


* YouTub Channel Name- M J MUSIC-     https://www.youtube.com/channel/UC_PwGz913t3FeDn8TxrdZmQ 
https://www.youtube.com/watch?v=PMu65-nVa0U&t=266s
https://www.youtube.com/watch?v=SQPKppdiEMM
https://www.youtube.com/watch?v=tWtrl4w_Wq0
https://www.youtube.com/watch?v=PMu65-nVa0U

वैसे मन जोशी पिथौरागढ़ के मूल निवासी है..। जो अभी नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में रहते है..। जोशी एक सैनिक के रूप में देश की सेवा करते है..। हम आशा करते है, कि एक सैनिक होने के नाते मन जोशी को आपका प्यार जरूर मिलेगा..। जोशी अपने गानें के जरिए देवभूमि को पूरे विश्व में फैलाना चाहते है..। इसी मौके पर जयदीप पत्रिका ने मन जोशी के साथ खास बात की...।

  • आइए जानते है, कुछ खास सवालों के जवाब देवभूमि के उभरते गायक मन जोशी की सुरीली आवाज के साथ....।      

सवाल- आपको गाने का शौक कब और कहां से आया....?
जवाब- मैं बचपन से ही गाता हूं..। मैं अपनी संस्कृति-कला के लिए गाना चाहता हूं...। मैं गायकी को अपनी पहचान बनाना चाहता हूं..। मुझे गाने का शौक बचपन से ही है..। मुझे गाने की प्ररेणा कुमाऊं गायक फौजी ललित मोहन और किशोर कुमार से मिली...। मैं इन दोनों का प्रशसंक हूं...। 

सवाल- आप अपनी पहचान किस तौर पर देखना चाहते है...?
जवाब- मैं अपनी पहचान सबसे पहले एक भारतीय नागरिक और फिर एक सैनिक के तौर पर देखता हूं...। मैं आप लोगों से जरूर कहूंगा, कि आप मेरे गीत एक बार जरूर सुनिएगा...। मैं एक सैनिक के तौर पर आप लोगों तक अपने गानों के माध्यम से जुड़ने की कोशिश करता हूं....।

सवाल-  आप एक  सैनिक है.... और एक सैनिक होने के नाते आप प्रदेश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहते है..?
जवाब- मैं प्रदेश के युवाओं से एक ही बात कहूंगा कि, आप अपने आपको इतना मजबूत कर लें, कि लोग आप को कमजोर समझना छोड़ दे..। मैं भी एक सामान्य परिवार से संबंध रखता हूं...। मुझे नहीं पता था, कि में सैनिक बनूंगा...। लेकिन महेनत करता रहा...और एक बन गया..।।

सवाल- पलायन पर आप क्या कहना चाहेगें...?
जवाब- पलायन हमारे लिए एक शराब जैसा है..।  चाहकर भी हम इसे रोक नहीं सकते है..। क्योंकि राज्य की स्थिति बस राजनीति तक सीमित रह गई है..। हर व्यक्ति राजनीति करना चाहता है..। काम कम करना चाहता है..। 

सवाल-  आप हमारी  जयदीप पत्रिका के माध्यम से देवभूमि के नरों को क्या संदेश देना चाहेगें..?
जवाब- मैं जयदीप पत्रिका के माध्यम से उत्तराखंड वासियों से निवेदन करना चाहता हूं, कि आप मेरे गीतों को में यू-टूब चैनल और फेसबुक के माध्यम से जरूर सुनें..। कृपया SUBSCRIBED करना ना भूले...। जिसके लिए मैं आप सभी लोगों का आभारी रहूंगा...। धन्यवाद..।। 



                                                                            रिपोर्ट- दीपक कोहली

12 June 2017

तोमर को जन्मदिन की हार्दिक बधाई...।



मध्य प्रदेश के लोक प्रसिद्ध राजनेताओँ में गिने जाने वाले तोमर को, उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं..। तोमर मध्य प्रदेश के जाने माने राजनेताओं में से एक है..। जी हां..। नरेंद्र सिंह तोमर का जन्म 12 जून 1957 में हुआ था..। जो भारतीय जनता पार्टी के परिपक्कव राजनेता है..। तोमर के पिता - मुंशी सिंह  एक किसान थे..। जो मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के रहने वाले थे..। वैसे नरेंद्र सिंह तोमर इस समय केंद्र की मोदी सरकार में केद्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज व पेयजल स्वच्छता मंत्री हैं..। जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के रहने वाले है..। नरेंद्र सिंह तोमर ने अपनी स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद राजनीति में कदम रखा..। जिसके बाद तोमर एमपी की राजनीति में सक्रिय होने लगें...। तोमर ने स्नातक की शिक्षा पूरी करते ही ग्वालियर से नगर निगम का चुनाव लड़ा और पार्षद चुनें गए..। सन् 1977 में तोमर को प्रदेश में भाजपा युवा मोर्चा मंडल का अध्यक्ष चुना गया..। जिसके बाद तोमर मध्यप्रदेश की राजनीति में धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगे..।  युवा मोर्चा में तोमर कई पदों पर आसीन हुए...। जिसके बाद सन् 1996 में तोमर एक बार फिर युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष चुने गए..। तोमर ने पहली बार 1998 में ग्वालियर से विधानसभा का चुनाव लड़ा..। जिसमें उन्हें जोरदार जीत मिली..। वहीं सन् 2003 में एक बार फिर तोमर ग्वालियर विधानसभा सीट से विधायक चुनें गए..।
साल 2008 में तोमर को उत्कृष्ट मंत्री के रूप में लोकसभा अध्यक्ष सोभनाथ चटर्जी ने उन्हें  सम्मानित भी किया..। तोमर ने पहली बार लोकसभा चुनाव 2009 में लड़ा..। वहीं साल 2009 में तोमर को निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुना गया..। 16 दिसंबर 2012 को एक बार फिर बीजेपी पार्टी ने उन्हें प्रदेश का पार्टी अध्यक्ष चुना..। तोमर अपने कामें के लिए जाने - जाते है...।  कम बोलना तोमर की हिदायत में है..। विकास पर विश्वास करते है, मिस्टर तोमर..। साल 2014 में तोमर मोदी कैबिनेट के लिए चुने गए..। 
वैसे आप तो जानते ही होंगे...तोमर कौन है..? अगर नहीं जानते है, तो हम आपको बता देते हैं..। आखिर तोमर को है...। जी हां....। नरेंद्र सिंह तोमर इस समय हमारे देश के केंद्रीय कैबिनेट मंत्री है..। जिन्हें केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज व पेयजल औऱ स्वच्छता विभाग दिये गये हैं..। 
जन्मदिन के मौके पर तोमर को जयदीप पत्रिका की ओर से हार्दिक शुभकामनाएं..।।
  
                                                                  ।। रिपोर्ट- दीपक कोहली ।।    
  

11 June 2017

*****धैर्य*****

धैर्य ही मेरा मान है,
धैर्य ही मेरा सम्मान है..।

धैर्य ही मेरा प्यार है,
धैर्य ही मेरी आस्था है..।

धैर्य ही मेरा धर्म है,
धैर्य ही मेरा कर्म है..।

धैर्य ही मेरी आत्मा है,
धैर्य ही मेरा परमात्मा है..।।

                दीपक कोहली

02 June 2017

सोमेश्वर का दीप, ताकुला का बॉस- "दीपक बोरा"

जी हॉं.. सही पढ़ा..। अल्मोड़ा जिले के ताकुला ब्लॉक के प्रमुख दीपक बोरा...। सोमेश्वर के दीप कहे जाते है..। बच्चों से लेकर बुजर्गों तक इनके कायल है..। अपने कामों से हर किसी का दिल जीतने वाले दीपक, आज भी सोमेश्वर की राजनीति में एक अहम भूमिका निभाते हैं। चाहे अपने कामों से लोगों के दिलों में एक अलग स्थान बनाने की बाते ही क्यों ना हो..।  

वैसे दीपू को सोमेश्वर का बौर भी कहा जाता है..। अपने क्षेत्र के विकास में दीपू का अहम योगदान रहा है..। चाहे सोमेश्वर में महाविद्यालय लाना हो या फिर आईटीआई बनाना.. हर प्रकर की सेवा दीपू देते आए है..। एक समय था, जब दीपक बोरा सोमेश्वर क्षेत्र के जाने माने युवा चेहरा हुआ करते थे...। लेकिन कुछ राजनीति घटनाओं के चलते आज दीपक की राजनीति सोमेश्वर क्षेत्र तक ही सीमित रह गई..। कभी कांग्रेस के कद्दावर नेता हुआ करते थे दीपक.... और आज राजनीति कारणों के चलते बीजेपी में शामिल हो गए..। आपको बता दूं... सोमेश्वर विधानसभा राजनीति में बोरा.. जो कद रखते है..। उसे देश-प्रदेश के राजनेता भलीभांति  समझते है..।।
वैसे दीपक बोरा ने अपने पहले कार्यकाल में जो कार्य सोमेश्वर क्षेत्र या ताकुला ब्लॉक में किया..उसकी जनता आज भी मिसाल देती है..। दीपक जब कांग्रेस पार्टी में थे, तो उनकी पहुंच केंद्र तक मानी जाते थे। दीपक ने अपना राजनीतिक कैरियर ग्रामीण स्तर से शुरू की है..। कभी क्षेत्र पंचायत रहे..तो अभी ब्लॉक प्रमुख है..। 


आइए जानते है, ताकुला ब्लॉक प्रमुख दीपक बोरा से कुछ खास सवालों के जवाब......।।


सवाल- आप सोमेश्वर क्षेत्र को किस लिहाज से देखते है....? 
जवाब- मैं अपने सोमेश्वर को काफी सुंदर और अच्छे लिहाज से देखता हूं..। हमारे यहां लगभग सभी प्रकार की खेती होती है...। यहां पर्याप्त पानी और सभी प्रकार की सुविधा लगभग पूरी है..। जो कमियां है, उन पर ब्लॉक स्तर पर काम होना चाहिए है। अगर हमें प्रदेश के लिहाज से देखें तो सोमेश्वर एक अलग पहचान रखता है...। हमारा सोमेश्वर पहाड़ी क्षेत्र है, यहां साधारण रीति- रिवाज और काफी मेहनती जनता निवास करती हैं।

सवाल- आप इस समय ताकुला ब्लॉक प्रमुख हैं और पहले भी रह चुके है...। आपको क्या लगता है..? क्षेत्र में विकास हो रहा है या फिर कागजों में काम चल रहा है..?
जवाब- इस बार के मुकाबले मैंने अपने पिछले कार्यकाल में अच्छा काम किया और क्षेत्र का विकास तेज गति से किया। मुझे लगता है, कि राज्य में कुछ समय पहले अलग सरकार यानि कांग्रेस सरकार थीं। जिसके चलते प्रदेश में विकास की लहर रूकी हुई थी।  इस बार प्रदेश में यानि 2017 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी की जोरदार जीत हुई है। हमें प्रदेश की बीजेपी सरकार और केंद्र की मोदी सरकार से काफी उम्मीदों है कि, प्रदेश में विकास का रथ एक फिर दौडगा..।     

सवाल- आप राज्य की त्रिवेंद्र सरकार को किस तरह देखते है..?
जवाब- माननीय त्रिवेंद्र रावत जी शांत सभाव और आरएसएस से जुड़े महापुरूष है। जो कई सालों से आरएसएस और बीजेपी पार्टी के लिए काम कर रहे है। योगी की तुलना में त्रिवेंद्र एक साधारण मनोवैज्ञानिक व्यक्ति है। जो काम करने में विश्वास रखते है। त्रिवेंद्र अपने कामों से ही जाने जाते है। तभी केंद्र ने उन्हें मुख्यमंत्री पद की भूमिका निभाने की जिम्मेदारी सौंपी..। त्रिवेंद्र सरकार जिस तरह अभी राज्य में काम कर  रही है। उसे देखकर लगता है, कि आने वाले समय में त्रिवेंद्र सरकार अच्छा काम करेंगी..।।

सवाल- आप प्रदेश को किस तरिके से देखते है, क्या प्रदेश में पिछली सरकारों ने काम नहीं किया..?
जवाब- अगर उत्तराखंड की दृष्टि से देखा जाए, तो प्रदेश में तिवारी सरकार के अलावा किसी भी सरकार ने वो विकास और काम नहीं किया जो तिवारी सरकार ने किया। तिवारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र से विकास किया है। चाहे, घर-घर शौचालय बनाना हो या फिर गरीबों को घर दिलाना हो..। नारायण दत्त तिवारी प्रदेश के एकमात्र एेसे सीएम है, जिन्होंने प्रदेश को बदल कर रख दिया..।  अगर और सरकारों की बात करें, तो सरकार कागजों में ही काम कराती दिखी..। प्रदेश का विकास करना है, तो सबसे पहले ग्रामीण क्षेत्रों में विकास करना होगा..। तब प्रदेश कहीं नज़र आएगा..।।

सवाल- आप 2017 विधानसभा से पहले कांग्रेस पार्टी में थे..। ऐसा क्या हुआ..कि आपको पार्टी बदलनी पड़ी..?
जवाब- कांग्रेस सरकार में नेतृत्व की कमी होने लगी और उस समय की प्रदेश सरकार ने मनमर्जी की...ना ब्लॉक स्तर पर कोई पैसा दिया, ना ग्रामीण स्तर के लिए कोई पैसा दिया...। बस अपने चहतों की जेब भरती गई..। मेरा राजनीतिक कैरियर ही नहीं ,मेरा कांग्रेस सरकार  से परिवार जैसा रिश्ता था। मैंने कांग्रेस पार्टी  छोड़ी नहीं है, बस गलत राजनीतिक और गलत नेतृत्व की कमी के कारण बदल दी..। मैं रोया था... जब मैंने कांग्रेस पार्टी बदली क्षेत्र के विकास के लिए..। मुझे क्षेत्र का विकास करना है और जनता की सेवा करनी है..।।

सवाल- अगर आपको बीजेपी पार्टी या कोई और पार्टी नेतृत्व का मौका दें, और विधायक, सांसद के लिए चुनाव लड़ती है। तो आपका ऐजेंडा क्या रहेगा..?
जवाब- मैं नेतृत्व करने के लिए नहीं, बल्कि क्षेत्र का विकास करने के लिए राजनीति में आया हूं..। मेरा मकशद राज्य का विकास है। अगर पार्टी मुझे चुनाव लड़ाती है...तो मेरा ऐजेंडा पलायन, बिरोजगारी, शिक्षा, मूलभूत सुविधा देना होगा..। मैं अपने चुनावी क्षेत्र को विकास की एक नई उमंग देना चाहूंगा..।

सवाल- आप केन्द्र की मोदी सरकार को किस नजरिए से देखते है..?
जवाब- बीजेपी की केन्द्र सरकार के तौर पर देश को एक ऐसा लीडर मिला है, जो देश को एक ऐसे मुकाम पर ले जा सकता है। जहां वो चाहे..। मोदी के तौर पर हमें पहली बार कोई ऐसा पीएम मिला है, जिसने देश का नाम पूरी दुनिया में रोशन किया है। मैं आशा करता हूं, अगले पांच-दस साल तक पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने रहे.।।


सवाल- आप हमारी पत्रिका के जरिए प्रदेश व अपने क्षेत्र के युवाओं और लोगों को क्या संदेश देना चाहेगे...?
जवाब- मैं जयदीप पत्रिका और उसके संवाददाता दीपक कोहली को धन्यवाद देना चाहूंगा...। जिन्होंने मुझे इस लायक समझ और मेरा साक्षात्कार आप लोगों तक पहुंचाया..। मैं युवाओं और माता-बहनों व बुजर्गों के साथ- साथ अपने नवजवान भाइयों से कहूंगा...कि प्रदेश के विकास में अपना महत्वपूर्ण समय दें..। मैं आशा करता हूं, कि एक दिन हमारा प्रदेश विकास से भरपूर होगा...। सभी लोग आराम से अपने- अपने घरों में बैठे होगें..। आप सभी का धन्यवाद..।।


                                                                     रिपोर्ट- दीपक कोहली