साहित्य चक्र

30 December 2022

बाल गीत- नव वर्ष पर




नई उमंगे सँग में लेकर 
नव प्रभात अब आया है।

बुरा समय अब बीत गया है 
नई किरण इक आई है ।
चहुंदिश फैल रहा उजियारा,
खुशहाली अब छाई है।
बनी रहे हरदम खुशहाली,
 गीत सभी ने गाया है।
नई उमंगे सँग मे लेकर
 नव प्रभात अब आया है।।1।।

नए वर्ष में हम सब मिलकर 
जमकर धूम मचाएंगे ।
तम को हम ना आने देंगे ,
प्रेम सुधा बरसाएंगे। 
आगे बढ़ते जाएंगे हम
कोई रोक न पाया है ।
नई उमंगे सँग मे लेकर
 नव प्रभात अब आया है।।2।।

 
 अच्छी आदत को अपनाकर
बुरी आदतें  हम छोड़ेंगे ।
पथ के सारे कांटे चुनकर ,
नई राह हम जोड़ेंगे ।।
सत्य राह पर चलकर 
हमने नव प्रकाश पाया है ।
नई उमंगे सँग मे लेकर
 नव प्रभात अब आया है।।3।।


                               - डॉ कमलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव 





No comments:

Post a Comment