साहित्य चक्र

16 December 2022

कविताः जिन्दगी





जिन्दगी एक सबक है
परेशानियां तो आनी जानी हैं
उन्हें देख हार मानना कहाँ की समझदारी है
हो सकता है,इस परेशानी के पीछे
छिपी कोई नई शुरुआत बड़ी हो
कुछ नये सबक, कुछ नई राहें
कर रहीं इन्तजार हों
बढ़ता हुआ देखने को .. 
ना घबराना परेशानियों से
चलते चलो आगे 
दृढ़ संकल्प ले
मन में हौसला ले
कामयाबी की राह चुनो
परेशानी बड़ी ही सही
कामयाबी तो देती ही है
जो गुजरता है कांटों भरी राह से
परेशानियां भी निकल जाती हैं उसके कदमों तले से
निकलती है नई राह कामयाबी की तब
जब जज्बा परेशानियों को मात दे निकल पड़ता है आगे...

                       - तनूजा पंत


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