साहित्य चक्र

12 June 2021

।। पानी ।।



पानी तेरे कितने रूप है ?
जब आँखों से निकले
तो तू आँसू कहलाती है।

जब बादल से बरसे
तो तू वर्षा कहलाती है।
पानी तेरे कितने रूप है ?

शायद...।
यही कारण है जीवन मे
पानी और आँसू दोनों का महत्व है।

एक,दुःख या सुख 
दोनों में ही आँखों से निकलती है।

और,मानव संवेदना 
का अहसास कराती है।

तो दूसरी,सृष्टि के विकास क्रम
में भी भूमिका निभाती है।

                                               कुमार किशन कीर्ति


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