साहित्य चक्र

11 July 2021

फ्री में जब मिलेगा कोई काम क्यों करेगा




कोई बिजली,पानी कोई राशन फ्री 
करने का कर रहे एलान
सत्ता की कुर्सी पाने के लिए 
छिड़ रहा है घमासान

क्या यह उनके ताऊ की कमाई है
जो यह दल फ्री में बांटते हैं
कहाँ सोए हैं न्यायालय और चुनाव आयोग
क्यों नहीं इनको टाँगते हैं

जिसको भी देखो लोगों को
लालच देकर मूर्ख बनाता है
क्या यह फ्री में बांटना लालच देना
भ्रष्टाचार में नहीं आता है

भ्रष्टाचार कैसे खत्म होगा
जब भ्रष्टाचार करके सत्ता पाते हो
कर देने वाले मेहनती लोगों का
तुम पैसा फ्री बांटने में उड़ाते हो

रग रग में बस गया है अब
भ्रष्टाचार का हर तरफ बोलबाला है
पहुंच वालों की है चांदी ही चांदी
गरीब का तो निकल रहा दिवाला है

फ्री में जो बंट रहा लाइन में खड़े है
काम धंधा छोड़ दिया फ्री के चक्कर में पड़े है
इस फ्री ने बांट दिया समाज को कई धड़ों में
बेशर्म बन कर देखो फिर भी कैसे खड़े हैं

फ्री में जब मिलेगा कोई काम क्यों करेगा
चोरी बेईमानी डकैती ही तो फिर बढ़ेगा
फ्री का बांटना छोड़ कर सबको दे दो काम
वो पैसा भी बचेगा सुदृढ़ होगा भारत बनेगा महान

                                       रवींद्र कुमार शर्मा


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