साहित्य चक्र

29 August 2021

हिंदी कविताः रक्षा बंधन

सदियों से
रक्षाबंधन का पर्व
जात-पांत से ऊपर उठकर
पुनीत पर्व को मनाते हैं ।

राष्ट्रहित में
समाज के हर वर्ग के लोग
हिल मिल कर
इस पर्व को मनाते हैं

बहनें अपने भाइयों की
कलाई पर
राखी का धागा बांध
पवित्र पर्व मनाते हैं ।

भाई से ये कामना करती हैं
संकट की घड़ी मे
जब भी होती है  बहन
याद दिलाने को यह पर्व मनाते है ।

रक्षा भाई करेंगे ,इतिहास गवाह है
रानी कर्णावती ने हुमायूँ को
राखी भेजी थी पर अपवाद साबित हुआ ।
बहन -भाई यह पर्व संकल्प के रूप में मनाते है।

यह पर्व भाई बहन के
पावन पवित्र बंधन को
उनके प्यार को अक्षुण रखता है
यह पर्व धागे को प्रतीक मान मनाते है।


                                                       मईनुदीन कोहरी


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