साहित्य चक्र

21 August 2021

कविताः वजह


मुस्कुराहट की वजह हो तुम
मुस्कुराने की हसरत हो तुम।
चाहत की वजह हो तुम
दिल लगाने की हसरत हो तुम।
आशिक बनने की वजह हो तुम
इश्क करने की हसरत  हो तुम।
दर्द मिलने की वजह हो तुम 
दवा बनने की हसरत हो तुम।
जिंदा रहने की वजह हो तुम 
ता उम्र साथ रहने की हसरत हो तुम।
चाहत की वजह हो तुम 
चाहने की हसरत हो तुम।

                                   राजीव डोगरा 'विमल'


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