साहित्य चक्र

18 March 2020

कोरोना सौगात


*दे दो इसको मात*



कोरोना  के  खौंफ  से, विश्व  रहा  है  कांप।
मानव की नस-नस में ज्यों,दौड़ रहा है सांप।।
कोरोना कोरोना से सब अटे पड़े अख़बार।
टी  वी  पर  भी  आ  रही  खबरें बारम्बार।।
हाथ मिला न किसी से, रह दूर नमस्ते बोल।
गलत हाथ गर मिल गया,जीवन जाये डोल।।
तुलसी,अदरख़,दालचीनी, संग में डाल गिलोय।
इनका काढ़ा बना पी, फिर तान कै घर में सोय।।
डेंगू, प्लेग, स्वाईन-फ्लु अब, कोरोना सौगात।
भारत  के  आयुर्वेद से, दे  दो  इसको  मात।।
            

                     राजश्री

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