साहित्य चक्र

08 January 2026

प्रकृति से भरा गांधी का स्विट्जरलैंड

वर्ष 2025 के अंत में, मैं अपने जन्मदिन के मौके पर 25 दिसंबर 2025 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित कौसानी घूमने के लिए गया। कौसानी इतना खूबसूरत है कि मैं इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकता हूं। चाय के बागान से लेकर हरे-भरे पहाड़ और हिमालय के दर्शन यहां होते हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कौसानी की सुंदरता और प्राकृतिक सौंदर्य को देखकर इसे भारत का मिनी स्विट्जरलैंड कहा था।





पहाड़ों के बीच में बसा कौसानी एक छोटा सा शहर है। कौसानी में गांधी जी का अनासक्ति आश्रम भी स्थित है। इस आश्रम से जो दृश्य दिखाई देता हैं उनके लिए मेरे पास भाव और शब्द नहीं है। अनासक्ति आश्रम में मुझे ध्यान करते हुए ऐसा प्रतीत हो रहा था कि मैं हिमालय में बैठकर साक्षात विश्व का भ्रमण कर रहा हूं।

जहां प्रकाश की किरण मेरे माथे को चूमते हुए मुझे गर्मी का एहसास कर रही थी, वही हिमालय मेरी आंखों के सामने खड़ा होकर मेरे से कह रहा था- क्या तुम भी मेरी तरह अपने फसलों पर अडिग और अटल रहते हो ?




और मैं मौन होकर शांत मन से हिमालय और प्रकाश के मिलन को बंद आंखों से महसूस कर रहा था। हरे-भरे चाय के बागान मुझे अपनी ओर बुला रहे थे। चिड़ियों की मधुर आवाज़ मुझे शांति और प्रकृति की खूबसूरती का एहसास करवा रहे थे।

कौसानी की यह यात्रा मेरे जीवन में नये अनुभवों का एक पिटारा लेकर आया है। पहाड़ी लोगों के जीवन और संघर्ष ने मेरा पूरा नज़रिया बदल दिया है। मैं चाहता हूं आप भी एक बार कौसानी जाइए और अपने जीवन के अनुभवों को और बढ़ाइए।


- दीपक कोहली



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