साहित्य चक्र

14 February 2026

प्रेम उत्सव विशेषः लेखिका मंजू यादव जी का पत्र पढ़िए





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ऐ दूर जाने वाले,
                   
    यह सप्ताह प्यार का है, लोग कहते हैं कि इस सप्ताह में प्यार जताओ, प्यार दिखाओ दिल से, यह लाएगा और करीब दिल में बसने वालों को। जानते हो तुम, प्यार तो हमेशा ही रहा है इस सप्ताह का इंतजार नहीं करती मैं। तुम्हारी आँखें तो बिल्कुल ठीक हैं, देख लेते हो दूर रखी चीजों को भी और सुई में भी धागा डाल पाते हो। ना जाने फिर भी क्यूं दिखाई नहीं देती मेरी छोटी-छोटी कोशिशें और क्यों संभाल नहीं पाते छोटे-छोटे पल तुम। क्या मढ़ी हुई मान्यताओं का बोझ इतना ज्यादा है कि तुम्हारे दिल और दिमाग इस भारी बोझ से दबे हुए हैं और उठती नहीं नजरें बेफिक्र होकर बस मोहब्बत की आस से। 

यह सप्ताह खास हो सकता है, अगर ला पाओ तुम वो खास नज़र जो देख पाती हो कोशिशें और जी पाएंगे हम ये पल बिन भारी पन के। पता हैं ना पास रहकर भी दूरियों को रोका नहीं जा सकता, अगर कोशिश ना हो, तो और दूर हो जाते हैं लोग, मीलों दूर एक घर में रहकर भी।

चलो ठीक है, शुक्र है पास होने का एहसास अभी बाकी है। इससे पहले बीत जाए यह सप्ताह प्यार वाला, थोड़ी ऐसी बातें कर लें, जो कम कर दे शिकायतें दिल की। और बाट लें कुछ पल फुर्सत के शायद कम हो जाए, तुम्हारे मन का बोझ भी। शायद कम जाए बढ़ती दूरियां, जीवन की और शायद महक जाएं ये शामें गुलाब सी...

इंतजार करती लड़कियां


मंजू यादव 'मन'
आंदालुसिया, स्पेन


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1 comment:

  1. इंतिज़ार करती लड़कियां....

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