साहित्य चक्र

14 February 2026

प्रेम उत्सव विशेषः लेखिका सुमन डोभाल काला जी का पत्र पढ़िए




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मेरे प्रिय बच्चों,

फ़रवरी माह का दूसरा सप्ताह में प्रेम या मोहब्बत का उत्सव चलता है। मेरा सब कुछ तुम ही हो, मैं अपना प्यार, अपना दोस्त, अपना सब कुछ तुमको ही मानती हूं तो तुमको ही पत्र लिख रही हूं।

मोहब्बत का ये सप्ताह जीवन का बहुत ही खूबसरत अनुभव है। हमारे ये रिश्ते एक जन्म नहीं हजारों जन्मों का है, मेरे अंदर जो भी आत्मविश्वास आया है, वह भी तुम्हारी ही देन है।

हर कदम पर तुम्हारा साथ पाकर अभिभूत हूँ, बच्चे भी प्यार बनकर जीवन में खुशियां लेकर आते हैं, इस बात से मन बाग़-बाग़ हो जाता है। तुम मेरी और मैं तुम्हारी हर भाषा, हर मौन, हर भाव को समझ लेते हैं। यही तो हमारे जीवन का अटूट रिश्ता है।

वैसे ये मोहब्बत का सप्ताह वाला प्यार नहीं यह आजीवन जिंदगी का अटूट रिश्ते प्यार है। यही तुम्हारा प्यार मुझे जीवन के कदम-कदम पर हर चुनौतियां व कठिनाइयों से पार करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

इस मोहब्बत के सप्ताह को आदमी भूल न जाये इस वजह से यह सप्ताह जीवन का अनमोल न भूलने वाला सप्ताह होता है। बस तुम भी अनवरत न भूलने वाला हिस्सा, धड़कनों में रचे बसे हो। हमेशा ही जन्म जन्मांतर का यह रिश्ता, तुम्हारी हर मुस्कान, तुम्हारा साथ पाकर धन्य हो उठी हूँ।

मेरे प्रिय बच्चों बहुत बहुत स्नेह और आशीर्वाद

तुम्हारी माँ सुमन डोभाल काला
देहरादून, उत्तराखंड



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