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प्रिय सतीश जी,
मोहब्बत के इस सुगंधित सप्ताह में आपको पत्र लिखते हुए हृदय भावनाओं से भीग उठता है। जीवन की इस लंबी यात्रा में जब-जब पथ कठिन हुआ, आपका साथ मेरे लिए आश्वस्ति की छाया बनकर खड़ा रहा। आप केवल मेरे जीवनसाथी नहीं, मेरे आत्मविश्वास का आधार और मेरे मन की शांति हैं।
हमारे रिश्ते की खूबसूरती उन अनकहे क्षणों में बसती है सुबह की चाय की चुस्कियों में घुली अपनापन की मिठास, दिनभर की थकान के बाद आपकी स्नेहभरी मुस्कान, और बिना शब्दों के एक-दूसरे की धड़कनों को समझ लेना। आपका विश्वास मुझे हर चुनौती से लड़ने का साहस देता है, और आपका स्नेह मेरी हर पीड़ा को सहला देता है।
मेरे लिए प्रेम कोई क्षणिक उत्सव नहीं, बल्कि एक सतत साधना है,जहाँ सम्मान, समर्पण और विश्वास के दीप निरंतर जलते रहते हैं। आपने मुझे सिखाया कि सच्चा प्रेम जिम्मेदारियों के निर्वाह में, धैर्य में और साथ निभाने की प्रतिबद्धता में झलकता है।
इस प्रेम सप्ताह पर मैं बस इतना कहना चाहती हूँ कि आपके साथ जीवन की हर ऋतु बसंत सी लगती है। आपकी मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी संपदा है, और आपका साथ मेरी सबसे अनमोल शक्ति।
स्नेह सहित
आपकी जीवनसंगिनी
सरिका
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