साहित्य चक्र

30 August 2017

• साहित्य और मीडिया-








साहित्य और मीडिया : वर्तमान संदर्भ में शोध सारांश----
     
       साहित्य क्या है? इसकी हमारे समाज में क्या उपयोगिता है? और हमारे समाज के लिए यह क्या भूमिका निभा सकता है..? इसके बारे में शायद हम सब जानते हैं। "साहित्य समाज का दर्पण है"। वर्तमान संदर्भ में सोशल मीडिया का हर तरफ बोल बाला है जिसके कुछ नकारात्मक पक्ष तो है। परंतु यदि सोशल मीडिया के सकारात्मक पक्षों की बात करें तो इसकी नकारात्मकता नगण्य हो जाती है। आज सोशल मीडिया द्वारा हम अपने प्राचीनतम इतिहास की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। हमारे वेद, पुराण, श्रुतियां, उपनिषद, महाकाव्य, काव्य और जितने भी ग्रंथ हैं..। विभिन्न विषयों पर ऋषि मुनियों ने जिनकी रचनाएं की है...। उन सब की जानकारी हमें आज केवल एक क्लिक की दूरी पर प्राप्त हो जाती है जो हमारे लिए सौभाग्य की बात है। प्राचीन समय में कहां इतनी जद्दोजहद के बाद थोड़ी सी जानकारी उपलब्ध हो पाती थी..। परंतु आज हमारी मुट्ठी में ही दुनियां की सारी जानकारी उपलब्ध है। यह विज्ञान और सोशल मीडिया की देन है..। इसके द्वारा अपनी सभ्यता, संस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाज, पौराणिक इतिहास एवं आध्यात्मिक बौद्धिक कथाओं का ज्ञान आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। हमारे प्रमाणिक ग्रंथों की सम्पूर्ण जानकारी Google पर प्रस्तुत है..। जिसे हम आसानी से ग्रहण कर सकते हैं। और साथ-साथ वर्तमान पीढ़ी को इसके बारे में बताते हुए भावी पीढ़ी के लिए भी सहेज कर रख सकते हैं। हमारे नैतिक, सामाजिक मूल्य जिनकी आज सबसे अधिक आवश्यकता है सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप और फेसबुक के द्वारा हम उसका प्रचार - प्रसार कर सकते हैं। हिंदी साहित्य में लेखन की विभिन्न विधाओं में आज नया लेखक मंच स्थापित हो चुका है एवं सोशल मीडिया पर ही अपनी रचनाओं को प्रकाशित कर रहा है। जिससे लोगों का रूझान पठन - पाठन की ओर बढ़ रहा है जो साहित्य की समृद्धि में सहायक है । यह मेरे मूल विचार है । प्रत्येक सिक्के के दो पहलू हैं। अपवाद हर जगह मौजूद है। तो क्यों ना हम किसी भी चीज के सकारात्मक पक्ष की बात ज्यादा करें.. ताकि हमारे विचार भी सकारात्मकता की ओर उन्मुख हो तथा हमारी भावनाएं विशुद्ध हो। क्योंकि हम जैसा देखते हैं, सोचते हैं, हमारे विचार भी वैसे ही बनने लग जाते हैं। इसलिए-- "सकारात्मक बनो, सकारात्मक सोचो.... साहित्य को, सोशल मीडिया में खोजो"।
विदुषी शर्मा. पीएच.डी शोधार्थी
M- 9811702001
Email - neerjasharma98@gmail.com

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