साहित्य चक्र

21 August 2016

*प्रभु भजन*

                            *प्रभु भजन*

प्रभु मुझे तुम ले चलो अपने संग.....।
कभी मथुरा तो कभी विन्दावन,
ले चलो प्रभु... ले चलो प्रभु....।।

प्रभु मुझे तुम ले चलो अपने संग.....।
कभी रामेश्वर तो कभी सोमेश्वर,
ले चलो प्रभु...ले चलो प्रभु....।।

प्रभु मुझे तुम ले चलो अपने संग.....।
कभी बद्री तो कभी केदार ,
ले चलो प्रभु...ले चलो प्रभु....।।

प्रभु मुझे तुम ले चलो अपने संग.....।
कभी परलोक तो कभी नरलोक,
ले चलो प्रभु...ले चलो प्रभु......।।

प्रभु ले चलो अब तो ले चलो...।।

                  
                                कवि-दीपक कुमार 

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