शायद आपने इस सवाल को कभी गौर से समझने की कोशिश नहीं की होगी। चलिए आज मैं आपको समझाने की कोशिश करता हूं। पुरुष का पेनिस व महिला के दो स्तन और एक वेजाइना शायद इन्हीं तीन अंगों से शायद रेप होता है। मगर मेरा मानना है कि महिला के स्तन रेप का कारण नहीं हो सकती क्योंकि रेप 6 माह की बच्ची से लेकर 80 वर्ष की वृद्धा औरत के साथ भी होता है।
इसका मतलब औरत की वेजाइना रेप का मुख्य कारण हो सकती है। मगर रेप तो छोटे लड़कों का भी होता है, जबकि उनके पास कोई वेजाइना नहीं होती है। इतना ही नहीं दुनिया भर में कई ऐसी खबरें भी आई हैं, जिसमें कुत्ता, गाय, बकरी, सुअर और भैंस तक के साथ रेप या कुकर्म जैसे घटनाएं हुई हैं। ऐसे में सवाल अभी भी वही है- रेप क्यों और किसके कारण होते हैं ?
मासूम बच्चियों से लेकर लड़कों, जानवरों और 80 वर्ष की महिलाओं के साथ तक रेप और गैंगरेप जैसी घटनाएं सामने आती है या आज के दौर में आम हो गई है। इसके बावजूद भी हम इन घटनाओं पर चर्चा नहीं करते और अपने घर के अंदर खुलकर बात करने में डरते हैं आखिर क्यों ? क्या इन घटनाओं पर हमारी चुप्पी इसका समर्थन करती है ? अगर नहीं तो फिर हमें इन घटनाओं पर आवाज उठानी ही होगी और खुलकर चर्चा करनी ही होगी।
रेप पेनिस, स्तन और वेजाइना के कारण नहीं होता है, बल्कि यह एक प्रकार की मानसिकता है। इस मानसिकता से हर पुरुष गुजरता है। जब पुरुष किशोरावस्था में होता है तो वह स्त्री की ओर आकर्षित होता है। इस दौरान वह स्त्री के स्तनों को देखना, स्त्री की शारीरिक बनावट की कल्पना करना, स्त्रियों के अंडरगारमेंट्स को देखना और स्त्रियों के पैरों या टांगों को देखना आदि तरह की कोशिशें करता है। यह कोशिशें वह छुप-छुप स्वयं या दोस्तों की बातों को सुनकर करता है। इस तरह वह एक अलग ही कल्पनाओं की दुनिया में खोने लगता है। इसके बाद वह हस्तमैथुन करना शुरू करता है और धीरे-धीरे हस्तमैथुन का आदी हो जाता है।
एक तरफ पढ़ाई का दबाव और दूसरी तरफ परिवार की आती जिम्मेदार... और साथ ही कामुकता की एक अलग ही निजी काल्पनिक दुनिया। जहां वह कामुकता का राजा होता है। कामुकता के निजी काल्पनिक दुनिया में वह अपने मां-बहनों को छोड़कर हर स्त्री या भोग करने वाली वस्तु को अपना शिकार बनना चाहता है। यही मानसिकता उसे रेप और यौन अपराध की तरफ धकेल देती है। रेप और यौन अपराध पुरुषों की गंदी मानसिकता के कारण होते हैं।
एक पुरुष के लिए उसकी किशोरावस्था उसके चरित्र की नींव की तरह है। क्योंकि! किशोरावस्था में पुरुष की कामुकता सबसे अधिक होती है। इसलिए किशोरावस्था में एक पुरुष के लिए उसके परिवार और दोस्तों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है। इसलिए पुरुषों की इस गंदी मानसिकता को खत्म करने के लिए हम सभी को मिलकर काम करना होगा। हमें अपने बच्चों को इस तरह की मानसिकता के प्रति जागरूक बनाना होगा।
- दीपक कोहली



No comments:
Post a Comment