साहित्य चक्र

25 November 2024

शहर और गांव




जब भी प्रवेश करती हूँ मैं
आर्य पुत्र के गाँव में
मन को गाँव के गोरमे पर
छोड़कर जाती हूंँ।

समझा देती हूँ उसे उलाहनों से
टूटकर तुम बिखर जाओगे
यहीं रूके रहो यहीं
मेरी प्रतीक्षा करो !
जब तक मैं‌ न लौटू

समझदार हो गया है मन भी अब
ठहर जाता है वहीं
सड़क किनारे वाले
कुएँ की मुंडेर पर
नीम की छांव में
अशीशा लगाता है
जऴकन पट्टी का
खूब खर्राटे से नींद लेता है।

जब लौट कर आती हूँ मैं
खुशी-खुशी बिठा लेती हूँ
उसको अपने साथ गाड़ी में
और फिर मैं और मन दोनों
खिलखिलाते हुए दौड़ पड़ते हैं सरपट
शहर की ओर...।

- डॉ. निर्मला शर्मा



कविता- किताब





ये किताबें भी कितनी
हसीन होती हैं।

कभी यह हमें हंसाती
कभी हमें रुलाती
और कभी-कभी
किस्से कहानियां सुनाकर
हमें सुलाती ।

कभी यह हमारा गम बांटती
और कभी-कभी
हमारे गम का कारण बन जाती
कभी यह हमें अनंत ज्ञान का
आभास कराती।

और कभी यह हमें
बोल चाल की कला सिखाती
किताबें खोलो तो
न जाने किस दुनिया का
एहसास कराती।

बंद करूं तो पलभर में
दुनिया ही बदल जाती।
ये किताबें भी कितनी
हसीन होती हैं।

- रम्या


23 November 2024

शानदार ग़ज़ल पढ़िए





दिल कभी भी  दुखा नहीं होता।
गर  सनम  बे  वफा नहीं  होता।

हौसला  जो  रखा  नहीं   होता।
फिर किसीका भला नहीं होता।

चाहता  हूँ   उसे  दिलो  जां  से,
कहने  का  हौसला  नहीं होता।

छाछ पीता न फूँककर हरगिज़,
दूध  से  गर  जला  नहीं  होता।

बोलता  है  हमीद  वो  जी भर,
जिसकोकुछभी पतानहींहोता।


                             - हमीद कानपुरी

22 November 2024

खत्म हुई वोटिंग नतीजों का इंतजार




महाराष्ट्र और झारखंड में किसकी बनेगी सरकार,
खत्म हुई वोटिंग अब नतीजों का सबको इंतजार।
दावा कर रहे संजय राऊत कहीं हो जाए ना आउट,
उड़न खटोले में उड़ रहे नाना पटोले को नहीं डाउट!
पवार का भी आखिरी चुनाव हो जाएगा यही पडाव।

महाराष्ट्र और झारखंड में किसकी बनेगी सरकार,
खत्म हुई वोटिंग अब नतीजों का सबको इंतजार।
अजित दादा को इंतजार सत्ता मिलेगी आधा-आधा,
एकनाथ शिंदे कहे हमको भी चाहिए सबसे ज्यादा!
भाजपा कहे हम एक हैं तो सेफ हैं देवेंद्र भी जेक हैं।

महाराष्ट्र और झारखंड में किसकी बनेगी सरकार,
खत्म हुई वोटिंग अब नतीजों का सबको इंतजार।
कांग्रेस कहे सत्ता के साथ हैं हेमंत सोरेन में बात है,
भाजपा बोली दुर्गा और चंपई में जरूर कोई बात है!
तेजस्वी-लालू बोले अब न रहा आलू में कोई स्वाद है।

महाराष्ट्र और झारखंड में किसकी बनेगी सरकार,
खत्म हुई वोटिंग अब नतीजों का सबको इंतजार।
अखिलेश को है डर पलट न जाए पीडीए की नाव,
उपचुनाव में उल्टा ही ना पड़ जाए सत्ताईस का दाँव!
क्योंकि इस बार योगी बाबा तो घूम चुके हैं गांव-गांव।


                                - संजय एम. तराणेकर


हाथ छुड़ाया उसने



चेहरे पर मेरे अपनी जुल्फ़ों 
को गिराया उसने,
आतिशे शोक़ को मेरी 
और बढ़ाया उसने। 

ताल्लुक़ तो कुछ भी गहरा 
नहीं था उससे।

 नाम मेरा लिख - लिख के
 कई बार मिटाया उसने।

रात की तन्हाई में जो नींद
खुल गई मेरी। 

माँज़ी के लम्हों ने फ़िर खूब 
सताया मुझको। 

वफ़ा पर उसकी बहुत
 ऐतबार था मुझको।
आकर क़रीब मंज़िल के
 हाथ छुड़ाया उसने। 

अंदाज़ भी उसका गज़ब 
कर गया 'मुश्ताक़',
शरमाकर अपने चेहरे को
मुझसे छुपाया उसने।


                                            - डॉ. मुश्ताक़ अहमद शाह" सहज़"