साहित्य चक्र

22 September 2022

लेखक या सेल्समैन


आपको क्या लगता है कि आजकल का लेखक एक लेखक है या फिर एक सेल्समैन है ? वर्तमान की परिस्थिति को देख कर ऐसा लगता है कि आजकल एक लेखक वास्तव में लेखक ना होकर बल्कि एक सेल्समैन बन गया है। आज हर कोई अपनी पुस्तक प्रकाशित करने की होड़ में दिखाई देता है। कुछ लोग तो पुस्तक इसलिए भी प्रकाशित कर रहे हैं क्योंकि मार्केट में उनके लिए पैसा कमाने का जरिया बना रहे। ऐसे में सवाल उठते हैं क्या आज लेखक के अंदर निष्पक्षता, सद्भाव और इमानदारी जिंदा है ?





जब से सोशल मीडिया आया है, तब से कई भाषाओं को एक नई ऊर्जा मिली है। आज हर क्षेत्र के लोग अपनी मातृभाषा में लिखना पसंद कर रहे हैं। लेखक दिन-रात कविताएं, आर्टिकल, आलेख, ग़ज़ल, गीत इत्यादि लिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर साहित्य से जुड़े कई पेज बने हुए हैं। इन पेजों के जरिए कई लेखक अपने विचारों को रखते हैं। आज लेखकों के लिए एक खुला मंच है। जिसकी लेखनी अच्छी होगी, वह अच्छी कमाई कर सकता है। आज बड़ी-बड़ी कंपनियां भी अपना विज्ञापन हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाओं में करना चाहती है। इस कंपटीशन के दौर में लेखक एक लेखक ने रहकर एक सेल्समैन बनता जा रहा है। आज लेखक अपने को बेचने के लिए कुछ भी लिख रहा है। कई लेखक स्त्रियों को कोसते हैं तो कई लेखक पुरुषों को कोसते रहते हैं।


लेखक समाज का आईना होता है और समाज की कमियों को सामने लेकर आता है। आज लेखक सेल्समैन की तरह भाग रहा है। हर दिन एक नई रचना लेकर आ रहा है। उसे नहीं पता वह कौन से रस में लिख रहा है। उसे नहीं पता वह व्याकरणीय रूप से कितना सही और गलत है। आज के लेखकों में आलोचना सुनने तक की क्षमता नहीं है, पता नहीं क्यों! ऐसा लगता है कि वह किसी विचारधारा के आदी होते जा रहे हैं।


इतना ही नहीं बल्कि एक लेखक दूसरे लेखक को ना पढ़ना चाहता है और ना ही सुनना चाहता है। और तो और आज के युवा लेखक पुराने लेखकों को ना जानना चाहते हैं, ना ही पढ़ना चाहते हैं और ना ही समझना चाहते हैं। कभी-कभी लगता है कि लेखक को बाजार ने सेल्समैन बना दिया है। एक रचना को 10 मंचों पर प्रकाशित करना, सभी साहित्य मंचों पर गिने-चुने लोगों को स्थान देना कही ना कही लेखकों के अंदर प्रसिद्धि के भाव को दर्शाता है। आज के दौर में हर लेखक प्रसिद्ध होना चाहता है, भले ही उसकी लेखनी में कोई अर्थ हो या ना हो। इस भाव ने लेखक को सेल्समैन बना दिया है।


-दीपक कोहली


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