साहित्य चक्र
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23 March 2026

अमेरिका की ओछी हरकतें, विश्व में अशांति का कारण!

आज विश्व में चारों तरफ अशांति फैली हुई है। इस अशांति के कारण हजारों मासूम बच्चे, महिलाएं और आम नागरिक मौत के घाट उतर चुके हैं। यूरोप से लेकर एशिया और अफ्रीका तक इस अशांति का शिकार है। इस अशांति के कारण लगभग सभी देशों के नागरिकों को महंगाई और बेरोजगारी से लेकर तमाम तरह के प्रभावित होना पड़ रहा है।





विश्व में फैली अशांति का मुख्य दोषी अमेरिका है। अमेरिका अपने स्वार्थ के लिए गरीब देशों के खनिज खजानों और प्राकृतिक संप्रदाय पर अधिकार जमाने के लिए इस तरह की ओछी हरकतों से वहां के नागरिकों को टारगेट बना रहा है। अमेरिका का इतिहास रहा है कि वह हमेशा से अपने स्वार्थों को सबसे ऊपर रखता आया है।

चाहे वह सोवियत संघ को शीत युद्ध के जरिए से तोड़ना हो या फिर पाकिस्तान को हथियार देकर आतंकी गतिविधियों के जरिए भारत के विकास को प्रभावित करना हो। अमेरिका अपने स्वार्थ के लिए इस तरह की ओछी हरकतें सदियों से करता आ रहा है, मगर अब अमेरिका की ओछी हरकतों को विश्व के लगभग हर देश समझ गया है।




अमेरिका खुद को सबसे पुराना लोकतांत्रिक देश कहता है, मगर लोकतंत्र के गुण अमेरिका के पास ना के बराबर दिखाई देते हैं। लोकतंत्र कभी भी नहीं कहता कि दूसरे देश की प्राकृतिक संपदा को हड़पने के लिए उस देश पर हमला कर दो और वहां के राजनेताओं को मरवा दो।

अमेरिका का दोहरा चरित्र और काला चेहरा अब विश्व के सामने धीरे-धीरे आ रहा है।‌ चाहे वह दूसरे देशों के क्रीम मांइड बच्चों को अच्छी नौकरी और अच्छा सैलरी पैकेज देकर खरीदने की बात हो या फिर अल-कायदा जैसे संगठनों को फंडिंग और हथियार देकर अफगानिस्तान जैसे क‌ई देशों को बर्बाद करने की साजिश हो। ये सब अमेरिका की ओछी हरकतें आज विश्व के लिए अशांति का कारण बन गई है।

अमेरिका को यह समझना चाहिए कि लोकतंत्र जितना वहां के नागरिकों को अधिकार देता है, उतना ही अधिकार एशिया, अफ्रीका और यूरोप के देशों के नागरिकों को भी देता है। वक्त रहते अमेरिका अगर अपनी सोच और हरकतें में सुधार नहीं करता है तो अमेरिका का आने वाला भविष्य कितना खतरनाक होगा कि इसकी कल्पना आप और हम नहीं कर सकते हैं।


- दीपक कोहली