साहित्य चक्र

13 April 2017

क्यों बाबा साहब का सपना रहा अधूरा....।



बाबा साहब को तो आप जानते ही होंगे..। जिन्होंने देश के संविधान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज हम जिस संविधान की तारीफ करते है या फिर बुराई करते है। वो संविधान किसी और ने बल्कि बाबा साहब ने ही बनाया। बाबा साहब वो व्यक्ति है, जिन्होंने देश की नारी शक्ति को उसके अधिकार दिए या महिलाओं को एक अलग महाशक्ति दी। जिससे आज हमारे देश की महिलाओं को हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाने की आजादी हैं। इतना ही नहीं जब देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था, तो बाबा साहब देश की मूल कमियों को दूर करने के बारे में सोच रहे थे। अंबेडकर चाहते थे, कि भारत एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में उभर कर विश्व के सामने आये। जिससे हमारा देश अमेरिका से भी शक्तिशाली हो। लेकिन ये हमारा दुर्भाग्य था , कि बाबा साहब इसे पूरा नहीं कर पाए। आज मैं आपको उन बातों से परिचित करवाऊगां...। जिनके कारण आज हमारा देश इतना पीछे छूट गया। बाबा साहब वो व्यक्ति थे , जिनके साथ पूरा जीवन संघर्ष होता रहा। कभी उन्हें पानी पीने से रोका गया, तो कभी उन्हें स्कूल में बैठने से रोका गया..। जो हमारे देश का सबसे बड़ा दुर्भाग्य रहा..। जिसके कारण हमारा देश आगे नहीं बढ़ सका, बस जातिवाद और भेदभाव में ही अटका रहा। जो आज भी देश के विकास में रोढ़ा पैदा करता है। मेरा मकसद किसी समाज को ठेस पहुंचाना नहीं है। मैं उन मुद्दों पर चर्चा कर  रहा हूं, जो आज भी नीचले समुदाय के लोगों के साथ होता रहता है। अब आप समझ गए होंगे, कि आखिर मैं किन मुद्दों की बात कर रहा हूं। वैसे आपको ये सारी बातें बकवास लग रहीं होगीं। या मेरा सोचने का तरीका सही नहीं लग रहा होगा। लेकिन ये सत्य है, कि आज भी हमारा देश जातिवाद से जकड़ा हुआ है। जिससे हमारा देश पिछड़ता जा रहा हैं। यहीं कारण है, कि बाबा साहब का सपना पूरा नहीं हो पा रहा। बाबा साहब चाहते थे, कि हमारा देश जातिवाद शब्द से मुक्त हो जाए और विश्व में एक मिसाल बनकर सामने आये। जिससे हमारा देश धर्म-जाति निरपेक्ष पूर्ण रूप से बन जाए। आज हमारे देश में धर्मवाद एक राजनीति मुद्दा बना हुआ है। जो अपने- आप में क्षिण है।    
उम्मीद करता हूं , बाबा साहब का यह सपना जरूर सच हो....।। जय भीम जय भारत...।। 

                                                                    संपादक- दीपक कोहली

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