साहित्य चक्र
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04 December 2022

कविताः पेड़ लगाओ



पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
प्राकृतिक आनंद को पाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
शुद्ध और ताजी हवा को पाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
हर रोज ताजे और मीठे फल को खाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
पशुपालन और लकड़ी उद्योग को बढ़ावा दिलाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
चहुँ दिशा सोनी-सोनी सुगन्ध फैलाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
जन-जन तक विटामिन-डी और ऑक्सीजन को पहुँचाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
आने वाली नई - नई बीमारियों से छुटकारा पाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
उजड़ते जंगलों को फिर से बसाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
धरती को भूस्खलन और बाढ़ विपदा से बचाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
जन-जन को प्रदूषण से बचाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
धरती को हरा-भरा और सुन्दर बनाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
ठण्डी-ठण्डी छाव को पाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
आने वाली नस्लों और पीड़ी को बचाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
अपना जीवन सुखमय और खुशहाल बनाओ।।

पेड़ लगाओ, पेड़ लगाओ।
जन-जन तक मेरा ये सन्देश पहुँचाओ।।


- रजनी उपाध्याय सिन्हा