साहित्य चक्र

21 June 2023

योग दिवस पर विशेष प्रस्तुति- 2023


योग दिवस के मौके पर महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी की इस छायाचित्र पर जयदीप पत्रिका द्वारा दिनांक 21 जून 2023  को फोटो-लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें विभिन्न कलमकारों ने भाग लिया। 

शीर्ष-5 रचनाएं नीचे प्रस्तुत की गई हैं-






रोज़ करें योग

सुन्दर, स्वच्छ काया में, 
लगे ना कोई रोग,
तन हो दृढ़, मन हो स्थिर, 
करे जो निरा योग।
तड़के रश्मि संग कीजिये, 
नित यही प्रयोग,
अवश्य ही हो जाएगा, 
अनेक दुःखों से वियोग,
इस मानस प्रवृत्ति का, 
जीवन में है उपयोग,
गठित हो गया देश में, 
इस पर भी आयोग,
महामहिम भी साथ हैं, 
कितना अच्छा है संयोग,
उनकी इच्छा यही है 
कि सभी करें सहयोग,
इसके ढेरों लाभ से, 
परिचित हो रहें हैं लोग,
शरीर को स्वस्थ बनायें, 
आओ मिलकर करें योग।

- आनन्द कुमार

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योग दिवस

महामहिम जी कर रहीं योग दिवस पर योग।
भारत अपना स्वस्थ्य रहे काया रहे निरोग।
आओ मिलकर योग करें सब भारत हो खुशहाल।
प्रकृति की गोद में भारत खिलता यह अद्भुत संयोग।।

पंकज सिंह "दिनकर"

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योग जीवन का आधार

योग है जीवन का आधार
आओ करें मिलकर प्रचार
है हमारी संस्कृति की पहचान
पुरे जगत में हो इसका विस्तार
योग से मिलता अंतर्मन को शक्ति
तन में होता शुध्द रक्त का संचार
जागृत हो जाती  इंद्रियां
मन में न पड़ता दुस्कर्म का प्रभाव 
गर रहना है सदा स्वस्थ और खुशहाल
तो करना होगा नियमों का ध्यान
योग से मिलता निरोगी काया
सेवन करो सदा शुध्द आहार 

- रिंकी सिंह

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योग भगाये रोग

स्वस्थ रहे तन से,
और योगा करें मन से।
चिन्ता फिक्र छोड़ दो,
बिंदास रहना सीखो।
नित्य नियम का पालन करो,
अनुशासन अपने 
जीवन में धारण करो।
युगों युगों से योग चल रहा ,
यू तपस्वी कितना तप कर रहे।
पूरे विश्व में जबसे युग को अपनाया,
 ऋषि मुनि सभी ने 
अंतर्मन से ध्यान लगाया।
अद्भुत शक्ति है योगा की,
काया को निरोग बनाती ,
अंतर्मन को कितना शुद्ध करती
 व्यर्थ वजन मत बढ़ाओ तुम ,
बीमारियों को गले मत लगाओ तुम।
ब्लड प्रेशर ब्लडशुगर ये  कंट्रोल करता,
अब हर कदम पीछे ना हटाओ,
 हर कदम आगे बढ़ा कर चलो तुम।
सजग रहे योग करें ,
जीवन को सार्थक सिद्ध करें।
इसमें खर्चा रुपैया एक न लगता ,
निशुल्क है यह औषधि ,
सभी लोग योग अपनाओं तुम।
सौ बीमारियों की एक दवा है,
 नित उठ कर तुम योग करो।
 अंतर्मन उसको साफ करो।।

- रामदेवी करौठिया 

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योग साधना

उठकर सुबह सूर्य नमस्कार करें,
अपने जीवन से दूर अंधकार करें।
सुदृढ़ तन मन हो करें योग साधना,
खुशियों की जीवन में बौछार करें।।


निरोगी काया बस योग से होगी,
लड़ने की शक्ति हर रोग से होगी।
तनाव मुक्त हो ये जीवन हमारा,
ऊर्जावान बनो ध्यान योग के द्वारा।
एकांत में बैठकर थोड़ा विचार करें,
खुशियों की जीवन में बौछार करें।

सुबह जल्दी उठे और नींद त्यागें,
खूब कसरत करें तेज तेज भागें।
प्राणायाम और वज्रासन अपनाएं,
खुद भी करें बच्चों को भी सिखाएं।
सदा पौष्टिक सयंमित आहार करें,
खुशियों की जीवन में बौछार करें।

योग की महिमा वेद पुराण ने गाई,
साधू संतो ने योग की अलख जगाई।
भारत की शक्ति और पहचान योग है,
हमारी संस्कृति और विज्ञान योग है।
ईश्वर की बनाई सृष्टि से प्यार करें,
खुशियों की जीवन में बौछार करें।

    - पवन शर्मा

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